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जमाअत प्रतिनिधिमंडल का पीड़ित के परिजनों को हर संभव मदद देने का दिलाया यकीन

जमाअत प्रतिनिधिमंडल का पीड़ित के परिजनों को हर संभव मदद देने का दिलाया यकीन

जमाअत इस्लामी हिन्द का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज हरियाणा के नूह जिला के मेवात के जयसिंहपुर गांव का दौरा किया और कथित गोरक्षकों के जुल्म के शिकार मृतक पहलु खान के परिजनों से सहानुभूति जतायी। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ितों के घर पहुंच कर उनसे यथासंभव मदद का यकीन दिलाया।

जमाअत इस्लामी हिन्द के उपाध्यक्ष नुसरत अली के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल में जमाअत के महासचिव इंजीनियर मोहम्मद सलीम] दिल्ली एवं हरियाणा जमाअत के नाज़िमे इलाक़ा ख़लीकुज्जमा भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पहलु खान के दो पुत्रों इरशाद और आरिफ से मिलकर उनके पिता की मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त किया।

पहलु खान के ये दोनों पुत्र भी अपने पिता के साथ इस हमले मे जख्मी हुए हैं।

इस बीच इस पूरे मामले पर आज जयसिंहपुर गांव में तेरह कबीलों के लोगों की पंचायत जारी है जिसमें स्थानीय राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता शरीक हो रहे हैं। जिंदा बच जाने वालों में सबसे ज्यादा घायल अजमत खां है। उसकी कमर की हड्डी में गंभीर चोटें आयी हैं।

महासचिव इंजीनियर मोहम्मद सलीम ने कहा कि हम दुख की इस घड़ी में प्रभावित परिवार के साथ हैं। उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए हमारा सहयोग जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस समय प्रभावितों को कानूनी मदद पहुंचाने की कोशिश होनी चाहिए ताकि आने वाले दिनों में इस तरह का अमानवीय कृत्य करने वालों को इंसाफ के कटघरे में खड़ा किया जा सके। प्रतिनिधिमंडल ने इस पंचायत में उपस्थित प्रभावी सामाजिक और राजनीतिक व्यक्तित्व से अब तक के सूरते हाल और भविष्य की योजनाओं के बारे में मालूम किया और पीड़ितों से पूरे मामले का विवरण हासिल किया।

पंचायत में पहलु खान के दोनों बेटों इरशाद और आरिफ ने पूरी घटना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि हमारी रोजी-रोटी का एकमात्र जरिया दूध का कारोबार है। हम इसी सिलसिले में अपने पिता पहलु खान के साथ बाजार गए थे। हमारे पास बाजार की रसीद भी थी।

लेकिन हिंसक भीड़ ने हमारी कोई बात नहीं सुनी और गाड़ी रोक कर हमले कर दिए। हमारी नकदी भी छीन ली और हमारे पिता को बुरी तरह पीटा] हम सबको भी बुरी तरह घायल कर दिया और हमारे ही खिलाफ अब गोहत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। हमलावरों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

न तो जिला प्रशासन और ना ही राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि हमारा हाल मालूम किया। हम तो बस यही चाहते हैं कि हमारे पिता के कातिलों को तुरंत सजा मिले। अजमत खान ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने हमें अत्याधिक परेशान किया। घायल अवस्था में अस्पताल से निकाल कर थाने में 24 घंटे तक रखा जिस से मेरी तबीयत और बिगड़ गई। हमारी तो एक ही मांग है कि हमें जल्द इंसाफ मिले। राज्य की सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी पार्टियों का रवैया अत्यंत उदासीन रहा है।

द्वारा जारी
मीडिया प्रभाग
जमाअत इस्लामी हिन्द

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